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Friday, October 22, 2021

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अदाणी पोर्ट्स ने किया दिघी पोर्ट का अधिग्रहण

अहमदाबाद (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता ): अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड ने 15 फरवरी, 2021 को 705 करोड़ रुपये में दिघी पोर्ट लिमिटेड (डीपीएल) की 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया। कंपनी ने इस शुरुआत के बारे में स्टॉक एक्सचेंज को 6 मार्च, 2020 को सूचित कर दिया था।
भारत के पूर्वी और पश्चिमी तट पर एपीएसईज़ेडके आर्थिक गेटवे की श्रृंखला में शामिल होने वाला 12वां पोर्ट डीपीएल, महाराष्ट्र में कंपनी की मौजूदगी दर्ज करेगा, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। यह महाराष्ट्र में ग्राहकों को सेवा प्रदान करने में एपीएसईज़ेड कोसक्षम करेगा जिसमें मुंबई और पुणे क्षेत्रों में अत्यधिक औद्योगिक क्षेत्र और विकास शामिल है।
एपीएसईज़ेड ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है ताकि पोर्ट को विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ मल्टी-कार्गो पोर्ट में विकसित करने और कार्गो के बाधारहित और कुशल आवागमन के लिए रेल और सड़क निकासी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में निवेश किया जा सके। कंपनी मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करेगी और दुरुस्त करेगी तथा खाली कंटेनर और लिक्विड कार्गो के लिए सुविधाओं के विकास में निवेश करेगी।
डीपीएल जेएनपीटी के वैकल्पिक गेटवे के रूप में विकसित होगा और पोर्ट की भूमि पर पोर्ट आधारित उद्योगों के विकास को आमंत्रित करेगा और उनका समर्थन करेगा। डीपीएल के विकास से महाराष्ट्र मेंविभिन्न उद्योगों जैसे उपभोक्ता उपकरण, धातु, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, और रसायन व्यवसाय निवेश को बढ़ावा मिलेगा और महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास और प्रगति के लिए भारी उत्साह प्रदान करेगा। ये निवेश रोजगार सृजन और पोर्ट के दूर-दराज के क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगे।
संकल्प योजना की शर्तों और आवश्यकताओं के अनुसार, रियायत अधिकार हस्तांतरण को महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (‘एमएमबी’) ने भी मंजूरी दे दी है और एपीएसईज़ेड ने वित्तीय लेनदारों, एमएमबी, और अन्य स्वीकृत लागतों और दावों के बकाये का निपटारा कर दिया है।
एपीएसईज़ेड के सीईओ और होल टाइम डायरेक्टर करण अदाणी ने कहा कि “डीपीएल के सफल अधिग्रहण से, भारत के दूर-दराज के संपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों में सेवा कवरेज को बढ़ाने के लिए अदाणी पोर्ट के लक्ष्य में एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। हमारे विकास केंद्रित, अनुभव और अधिग्रहण संबंधी विशेषज्ञता के साथ, हम अपने सभी हितधारकों के लिए डीपीएल को ‘वैल्यू एक्रेटिव’ बनाने के प्रति आश्वस्त हैं। हमारे निवेश और क्षमता वृद्धि योजना को महाराष्ट्र सरकार की नीतियों के साथ जोड़ा जाएगा तकि पोर्ट्स, संबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो सके तथा राज्य केऔद्योगिक और सामाजिक-आर्थिक विकास में प्रगति हो सके।
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड : विश्व स्तर पर सक्रिय डायवर्सिफायड अदाणी ग्रुप का एक हिस्सा, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईज़ेड), एक पोर्ट कंपनी से विकसित होकर भारत के पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है। तटीय क्षेत्रों और दूरदराज के विशाल इलाकों से कारगो के विशाल वॉल्यूम की हैंडलिंग करते हुए, रणनीतिक रूप से मौजूद एपीएसईजेड के 12 पोर्ट और टर्मिनल, देश की कुल पोर्ट क्षमता के 24% प्रतिनिधित्व करते हैं। ये पोर्ट और टर्मिनल गुजरात में मुंद्रा, दाहेज, कांडला और हजीरा, ओडिशा में धामरा, गोवा में मारमुगाओ, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, चेन्नई में कट्टुपल्ली और एन्नोर तथा आंध्र प्रदेश में कृष्णापत्तनम में स्थित हैं। कंपनी केरल के विजिंजम में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और म्यांमार में एक कंटेनर टर्मिनल भी विकसित कर रही है। हमारे “पोर्ट्स टू लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म” में हमारी पोर्ट सुविधाएं, एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमताएं, और औद्योगिक आर्थिक क्षेत्र शामिल हैं, जो वैश्विक सप्लाई चेन में होने वाले संपूर्ण बदलाव से लाभ उठाने की भारत की तैयारी को देखते हुए, हमें विशेष लाभदायक स्थिति में रखते हैं। हमारी नज़र अगले दशक में दुनिया का सबसे बड़ा पोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बनने पर है। 2025 तक कार्बन न्यूट्रल होने के दृष्टिकोण से, एपीएसईज़ेड विज्ञान आधारित लक्ष्य पहल (एसबीटीआई) के लिए हस्ताक्षर करने वाला पहला भारतीय पोर्ट और विश्व का तीसरा देश रहा, जो पूर्व-औद्योगिक स्तरों पर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के लिए उत्सर्जन में कमी लाने के लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध रहा है।
अस्वीकरण:
लागू प्रतिभूति कानूनों और विनियमों के अर्थ के अंतर्गत, डीपीएल की संपत्ति और क्षमता का वर्णन करने वाली इस विज्ञप्ति के वक्तव्य “फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट्स” हो सकते हैं। कंपनी का वास्तविक परफॉरमेंस और वित्तीय परिणाम, सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्त, अनुमानित, और वक्तव्य में निहित/सूचित वक्त्व्यों से भिन्न हो सकते हैं। कंपनी के परफॉरमेंस और संचालन को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में अन्य कारकों के अलावा, प्रस्तावित सेवाओंकी मांग/आपूर्ति को प्रभावित करने वाले वाली आर्थिक और भू-राजनीतिक स्थितियां, स्थानीय बाजारों कीप्रतिस्पर्धा और मूल्य शर्तें जहां यह संचालित होती है, पर्यावरण, सरकारी नियम, कानून, विधि, न्यायिक घोषणाएँ और/या अन्य आकस्मिक कारक शामिल हैं।

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