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Saturday, December 4, 2021

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इंफेक्शन की रोकथाम तथा इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बेहद कारगर है,आयुर्वेदिक औषधियां: डॉ मोहित वासुदेवा

जिला के फ्रंट लाइन वारियर्स, कंटेनमेंट जोन व जिला जेल में 30 हजार से अधिक इम्युनिटी पैकेट वितरित
फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ) :
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ मोहित वासुदेवा ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी के साथ-साथ घरेलू नुस्खे तथा आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन भी बेहद महत्वपूर्ण है। हम छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर घर पर रह कर ही स्वस्थ व निरोगी रह सकते हैं। आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष विभाग द्वारा जिला के कंटेनमेंट जोन में लगभग 30 हजार से अधिक इम्युनिटी पैकेट वितरित की जा चुकी है, इनमें जिला जेल में दी गई (आयुष क्वाथ, गिलोय घनवटी दवा, अर्सेनिकम अल्ब 30 होम्योपैथी दवा) भी शामिल है। कोरोना वैश्विक महामारी से बचाव के लिए आयुष विभाग द्वारा आबंटित की जा रही इम्युनिटी किट आमजन के लिए काफी कारगर सिद्ध हो रही है।
आयुष मंत्रालय द्वारा कोरोना से बचाव के लिए लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा पीने की सलाह दी जा रही है। जिसके अनुसार दिन में कम से कम एक बार काढ़ा पीने से व्यक्ति काफी हद तक कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकता है। कोरोना काल में लोगों की जीवनशैली में बदलाव आया है। इम्युनिटी बूस्टर के प्रति लोगों में तेजी से जागरूकता बढ़ी है, आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन से कोरोना ही नहीं, कई अन्य बीमारियों को दूर किया जा सकता है। कोविड-19 के दुसरे चरण की वैव में भी च्यवनप्राश के साथ हल्दी वाला दूध लाभदायक सिद्ध हो रहा है।
डॉ मोहित वासुदेवा ने बताया कि आयुष विभाग की टीमों द्वारा लोगों को बताया जा रहा है वे प्रतिदिन दिन में दो बार नाक में तेल अवश्य लगाएं। इसके साथ ही प्रतिदिन सुबह एक चम्मच च्यवनप्राश खाकर, हल्दी वाला दूध पीएं। शुगर के रोगी शुगर फ्री च्यवनप्राश ले सकते हैं। गिलोय,गुडुची घनवटी दवा सभी को नियमित दी जा रही है जो अत्यंत लाभदायक है और अनेक प्रकार से शरीर की रोगों से रक्षा करती है। यह शरीर में इम्यूनिटी अर्थात् हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ सर्वोत्तम ज्वरनाशक औषधि है। शरीर में किसी भी प्रकार के इंफेक्शन की रोकथाम के लिए यह अति उत्तम औषधि है। आयुष क्वाथ एक महत्वपूर्ण औषधि है। गुडुची घनवटी के साथ-साथ सम मात्रा में यह आयुष क्वाथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कफ को दूर करती है तथा ज्वरनाशक है। यह रोग के कारण कम हो गई भूख को बढ़ाता है पाचन तंत्र ठीक करता है।
आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व योग विशेषज्ञ फोन पर जानकारी दे रहे हैं।
आयुष विभाग द्वारा जहां कंटेनमेंट जोन में इम्युनिटी बढ़ाने के उद्देश्य से इम्युनिटी बुस्टर किट वितरित की जा रही है वहीं आमजन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। इन नंबरों के माध्यम से आमजन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक औषधी व काढा बनाने की विधि के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। आयुर्वेदिक, होम्योपैथी व योगा विशेषज्ञ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए आमजन प्रात: 10 बजे से 11 बजे तक फोन पर उपलब्ध रहेंगे। आयुर्वेद संबंधित परामर्श के लिए कार्यालय दूरभाष नंबर, होम्योपैथी संबंधी परामर्श के लिए तथा योगा परामर्श के लिए Zoom app के Meeting id 3158149525 पास वर्ड1234 के द्वारा सुबह7:00 से 7:45 बजे तक और सायं 6:00 से 6:30 तक करवाया जा रहा है।
काढ़ा बनाने में इन सामग्रियों का प्रयोग करें। इनमें हल्दी वाला दुध दिन में एक बार, गर्म पानी का नियमित सेवन करना,गुडुची घनवटी एक एक गोली सुबह शाम, आयुष-64 ज्वर की स्थिति दो गोली दिन में 2 से 3 बार लेनी शामिल है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा.मोहित वासुदेवा ने बताया कि घर पर अपनी रसोई में भी काढा तैयार करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि काढ़ा बनाने के लिए जरुरी वस्तुओं में से ज्यादातर चीजें हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाती हैं। काढ़ा बनाने के लिए तुलसी के पत्तें, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ, गुड़, नींबू का प्रयोग किया जा सकता है।

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