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Wednesday, December 8, 2021

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ई-संजीवनी ऐप का घर बैठे ही उठाएं लाभ :नरेश नरवाल

पलवल (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता ) : उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार की हिदायतों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग पलवल ने भी मरीजों के लिए ई-संजीवनी सुविधा उपलब्ध करवाई हुई है। इस सुविधा के अंतर्गत अगर किसी मरीज को स्पेशलिस्ट की आवश्कता है और मरीज के पास कोई मोबाइल उपलब्ध नहीं है तो वह अपने नजदीकी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर जाकर स्पेशलिस्ट से कंसल्ट कर सकता है।
उपायुक्त ने जिलावासियों से आह्वïन किया है कि जिस भी मरीज को कोई तकलीफ है वे अस्पताल ना जाकर ई-संजीवनी ऐप के लिंक esanjeevaniopd.in पर क्लिक करके डॉक्टर्स से परामर्श ले सकते है। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पलवल ने ई-संजीवनी ओपीडी की ऑनलाइन शुरुआत की है। ऑनलाइन ओपीडी के माध्यम से मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह मशवरा करने के साथ-साथ अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर परामर्श ले रहे है। इससे उन्हें लंबी-लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ रहा। अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर प्रात: 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दोपहर बाद 3 बजे से सांय 5 बजे तक सोमवार से शनिवार ई-संजीवनी ओपीडी पर उपलब्ध रहते हैं। ई-संजीवनी के अंतर्गत 43 चिकित्सक ऑनलाइन रजिस्टर किए गए है, जोकि मरीजों को ऑनलाइन परामर्श दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में लगभग 520 मरीज ऑनलाइन परामर्श ले चुके है। ई-संजीवनी के माध्यम से सलाह मशवरा के दौरान चेकअप इत्यादि के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है। यह निर्णय कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि अस्पतालों में मरीजों की भीड़ इक्कठा ना हो और खासकर गर्भवती महिलाएं, टी.बी. के मरीज व कोरोनिक डिजीज से युक्त मरीजों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसका तरीका बहुत ही सरल है। ई-संजीवनी ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना फोन नंबर डालकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है तथा इस ऐप के द्वारा आपकी अपॉइंटमेंट डॉक्टर के साथ फिक्स हो जाएगी। कोरोना काल में टेलीमेडिसिन सेवा भी न्यू नार्मल के तौर पर उभरी है। लोग अस्पताल में भीड़ से बचने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी ऐप का इस्तेमाल कर रहे है। इस मामले में पलवल के लोग भी पूरी तरह से भाग ले रहे है। पलवल में रोजाना लगभग 50 से ज्यादा लोग घर बैठे वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सकों से परामर्श ले रहे है। जिले के डॉक्टर राज्य के अन्य जिलों में बैठे लोगों का भी उपचार ई-संजीवनी के माध्यम से कर रहे है।
ई-संजीवनी से गर्भवती महिलाओं को हुआ लाभ: केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 17 दिसंबर 2020 को जिले में इस सेवा की शुरुआत की गई थी। जिले में 1110 लोग इसकी मदद ले चुके हैं। सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप ने बताया कि खासतौर से ग्रामीण इलाकों की गर्भवती महिलाएं मोबाइल पर विशेषज्ञों से ई-संजीवनी के माध्यम से परामर्श ले रही हैं। राज्य में ई-संजीवनी ओपीडी की मदद से इलाज कराने में पलवल के लोग सबसे आगे हैं। इस संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग ई-संजीवनी ऐप से जुडक़र लाभान्वित हो सके। सिविल सर्जन ने बताया कि इसका लाभ लेने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी ऐप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इसके बाद ऐप पर मिले विकल्प में मरीज को बताना होता है कि किस बीमारी के लिए डॉक्टर से बात करनी है। उसके बाद ओपीडी नंबर मिलता है और उसके जरिए पूरा दिन रजिस्ट्रेशन रहता है। साथ में अपनी बारी के लिए टोकन नंबर मिलता है। मरीज ओपीडी नंबर से बार-बार अपना टोकन नंबर देख सकता है। डा. ब्रह्मïदीप ने बताया कि मरीज को जिस दिन डॉक्टर से बात करनी होती है, उस दिन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करवाना होता है।

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