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Sunday, December 5, 2021

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कोरोना से लड़ने में आयुर्वेद कारगर,रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से स्वस्थ हो रहे हैं मरीज : डॉ. मंजू बांगड़

फरीदाबाद जिला में 11 हजार 740 लोग आयुर्वेदिक दवाओं के सेवन से हुए स्वस्थ
फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ):
नोवल कोरोना वायरस ने जहां एक तरफ पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है, वहीं दुनिया भर के तमाम बड़े वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में दिन रात जुटे हुए हैं। इस बीच कुछ लोग आयुर्वेदिक दवाओं को भी आजमा रहे हैं और उनके सेवन से स्वस्थ भी हो रहे है।
जिला के आयुष विभाग की माने तो आयुर्वेदिक दवाओं का कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. मंजू बांगड़ के अुनसार फरीदाबाद जिला में 11 हजार 740 कोरोना पॉजिटिव मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं दी गई और ये सभी मरीज बहुत ही कम समय में पूरी तरह से स्वस्थ हुए और पहले की तरह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। बाकी मरीजों को भी दवाएं दी जा रही हैं और उनकी स्थिति पहले से बेहतर देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक दवाएं जैसे गिलोय घनवटी, संशमनी वटी, अनु तेल व अन्य होमोपैथिक दवाओं के सेवन से मरीज की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हुए उसके शरीर को कोरोना से लड़ने में सक्षम बनाया जाता है, जिससे वह इस बीमारी से लड़ते हुए स्वस्थ हो सकें। डॉ. मंजू ने बताया कि आयुष विभाग कोरोना से लड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा घोषित कंटेनमेंट जोन में मरीजों को आयुष विभाग की टीम दवा पहुंचा रही है। इसी प्रकार होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को भी आवश्यकतानुसार दवा पहुंचाई जा रही है। इन दवाओं के सेवन से मरीज जल्द स्वस्थ हो रहे हैं।
डॉ. मंजू ने बताया कि आयुष विभाग के लगभग 17 डॉक्टर दिन-रात समर्पण भाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मानव शरीर में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पूरा दिन गर्म पानी पिएं। प्रतिदिन आधा घंटा योगासन, प्राणायाम व ध्यान करें। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का नियमित रूप से भोजन में प्रयोग करें। दूध के साथ च्यवनप्राश रोजाना ले सकते हैं। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्घि होती है।
डॉ. बांगड़ ने बताया कि तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सोंठ व मुनक्का से बनी हर्बल चाय या काढ़ा दिन में दो बार ले सकते हैं। इसमें स्वादानुसार नींबू का रस या गुड़ मिलाया जा सकता है। एक गिलास दूध को गर्म करके आधा चम्मच हल्दी का चूर्ण दिन में एक या दो बार ले सकते हैं। तिल या नारियल तेल को मुंह में लेकर तीन मिनट तक घुमाकर कुल्ला की तरह थूक दें। बाद में गर्म पानी से कुल्ला कर लें। इनके अतिरिक्त खांसी या गले में खराश होने पर दिन में कम-से-कम एक बार पुदीने के पत्ते या अजवायन डालकर पानी की भाप लें। लौंग के चूर्ण में गुड़ या शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार लें। आयुष मंत्रालय अनुसार गले में खुश्की या खराश दूर करने के लिए अजवाइन के पत्तों की भाप भी ली जा सकती है।
डॉ. मंजू ने बताया कि सभी डॉक्टर मरीजों को उनके खान-पान और दिनचर्या के बारे में भी समझाते हैं और बताते हैं कि वे कैसे आइसोलेशन में रहते हुए अपने स्वास्थ्य को ठीक रखें। इस बारे में सभी की काउंसलिंग भी की जाती है। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को दिन में कम-से-कम आधा घंटे योग करने की सलाह दी जा रही है और उन्हें यह बताया जाता है कि कैसे योग अपनाते हुए संतुलित खानपान के साथ वे शीघ्र स्वस्थ हो सकतें हैं।

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