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Saturday, October 23, 2021

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बीमा पालिसी के नाम पर ठगने वाले गिरोह के सरगना समेत दो गिरफ्तार

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ) : बीमा पालिसी के नाम पर आमजन से ठगी करने वाले गिरोह के सरगना सहित दो आरोपितों को साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली के मोतीबाग से गिरफ्तार किया है। आरोपित आमजन को पूरी हो चुकी बीमा पालिसी के पैसे किसी अन्य स्कीम में लगाने, किसी वजह से बंद हुई पालिसी को दोबारा चालू कराने और कम समय में ज्यादा पैसा दिलाने का प्रलोभन देते थे।
आरोपितों का शिकार सेक्टर-58 निवासी एवं सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से प्रशासक के पद से सेवानिवृत्त यशपाल भी हुए थे। ठगों ने इनकी सेवानिवृत्ति के समय मिली सारी जमापूंजी ठग ली। इनके द्वारा दी गई शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपितों तक पहुंची। पुलिस ने आरोपितों से कब्जे से 14 लाख 10 हजार रुपये एवं 21 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिए हैं। बुधवार को आरोपितों को अदालत में पेश कर नीमका जेल भेज दिया गया। दिल्ली में खोल रखा था काल सेंटर
मुख्य आरोपित ऋषि नगर, रानी बाग दिल्ली निवासी मोहम्मद इकबाल है, जबकि मनसा राम पार्क, उत्तर नगर दिल्ली निवासी विनोद कुमार कुमार इसका साथी था। आरोपितों ने दिल्ली मोती नगर में काल सेंटर खोल रखा था। इसमें युवतियां काल करके आमजन की पालिसी से संबंधित शिकायत सुनने/समाधान करने का काम करती थीं। लोग अपनी शिकायत के नाम पर अपनी पालिसी की जानकारी दे देते थे। इसके आधार पर आरोपित आमजन को जाल में फंसा मोटा मुनाफा कमाने का लालच व अन्य स्कीम में पैसा लगाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खाते में रकम डलवा लेते थे।
मैक्स लाइफ का बीमा कर्मी बताकर ठगा : डीसीपी डा.अर्पित जैन ने बताया कि आरोपित ने खुद को मैक्स लाइफ का बीमा कर्मी बताकर सेक्टर-58 निवासी यशपाल को काल किया था। उन्हें झूठे प्रलोभन देकर अपने झांसे में ले लिया। उनकी 2018 में पूरी हो चुकी पालिसी को दोबारा चालू करने का झांसा देकर अलग-अलग समय पर अपने भिन्न भिन्न बैंकों के 6 फर्जी खातों में 22 लाख 63 हजार 226 रुपये ठग लिए। आरोपित कभी लाकडाउन तो कभी औपचारिकताएं पूरी करने की बात कहकर बात को टाल देते और बाद में पीड़ित का फोन उठाना भी बंद कर दिया। पीड़ित ने परेशान होकर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पालिसी के कार्यालय में पता किया तो जालसाजी का पता चला। उन्होंने इसकी शिकायत थाना साइबर अपराध में दी। इस पर 27 नवंबर 2020 को मामला दर्ज किया गया। यशपाल के खाते में दो साल पहले सेवानिवृत्ति की रकम जमा थी। यह पूरी रकम उन्होंने ठगों के बहकावे में आकर विभिन्न पालिसी में लगा दी थी।
पहले कर चुके थे बीमा कंपनी में काम : साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार के अनुसार आरोपित 2016 में दिल्ली की एक इंश्योरेंस कंपनी में काम कर चुके थे। इसलिए उन्हें पालिसी के बारे में जानकारी थी। उन्होंने बताया कि इस मामले को सुलझाने में सहायक उपनिरीक्षक नरेंद्र, उपनिरीक्षक कैलाश चंद, हवलदार दिनेश, मुख्य सिपाही वीरपाल, मोनू, अंजू, अंशुल, कर्मवीर व सुमित की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि आरोपितों के अन्य साथियों व काल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपित चार साल से इसी तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इसलिए अनुमान है कि बड़ी संख्या में आमजन को फंसाया है।

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