23.3 C
New York
Wednesday, August 4, 2021

Buy now

बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान की प्रेरणा स्रोत है नीमका की बेटी वीरांगना सुनीता नागर बस्ट्टा

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ) : सरकार द्वारा जारी बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान की प्रेरणा की स्रोत है स्थानीय उपमंडल के गांव नीमका की बेटी वीरांगना सुनीता नागर बस्ट्टा । उनको प्रदेश में सरकार द्वारा जारी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का सर्वोत्तम दर्जा दिया जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। जी हाँ वीरांगना सुनीता नागर ने वह करके दिखाया है जो कि एक प्रेरणा स्रोत मिशाल है। वीरांगना सुनीता नागर ने वह करके दिखाया है जो कि जिला फरीदाबाद व पलवल में तो मिसाल है ही हो सकता है पूरे हरियाणा प्रदेश में ही एक मिसाल हो।
वीरांगना सुनीता नागर बस्ट्टा ने बातचीत में बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के पानीपत जिला से बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान की शुरुआत के समय से ही मैने बड़ा गर्व महसूस किया कि पहली बार देश और प्रदेश में सरकारों ने बेटियों की शिक्षा तथा अन्य सामाजिक सरोकारों के उत्थान के लिए कार्य शुरू किया गया। जो आज भी निरन्तरता के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।
वीरांगना सुनीता नागर के पति शहीद रामवीर सिंह कारगिल युद्ध के दौरान 1999 में देश के नाम अपनी शहादत कर गए थे। वीरांगना सुनीता नागर ने शहीद रामवीर सिंह की कही हुई बातों को मूर्त रूप देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने अपनी दोनों बेटियों को एमबीबीएस/ डॉक्टर बना कर एक मिसाल कायम की है। वीरांगना सुनीता नागर ने अतीत की बातों को याद करते हुए बताया कि मेरे पति शहीद रामवीर सिंह कि एक ही महत्वाकांक्षा थी कि उनकी बेटियां डॉक्टर बनें और अच्छी शिक्षित होकर पूरे समाज में अपना, अपने माता पिता, परिवार, गांव, जिला, और प्रदेश का नाम रोशन करें।
वीरांगना सुनीता नागर ने बताया कि शहीद रामवीर सिंह ने पहली बेटी शालिनी बस्ट्टा का जन्म बेटे के रूप में सामाजिक सरोकार के साथ मनाया था। वे शिक्षा के बड़े प्रेमी थे। इसी प्रकार कुछ वर्षों बाद जब दूसरी बेटी का जन्म हुआ तब भी उन्होंने घर में हर्ष और उल्लास के साथ बेटी रश्मि बस्ट्टा का जन्मदिन उत्साह पूर्वक मनाया था। उन्होंने बताया कि शहीद रामवीर सिंह बस्ट्टा एक ही बात कहते थे, कि मेरी बेटियों की पढ़ाई ऐसी हो इसमें समाज, परिवार, गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन हो और समाज के लोगों को प्रेरणा मिले। वीरांगना ने शहीद रामबीर सिंह की कारगिल युद्ध से कुछ दिन पहले की छुट्टियों की यादें ताजा करते हुए बताया कि रामवीर सिंह एक ही बात कहते थे,कि सुनीता बेटियों की पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा। मैं एक फौजी हूं। जिस प्रकार एक फौजी देश के लिए अपनी जान कुर्बान करता है। उसी प्रकार तू भी अपनी बेटियों की पढ़ाई के लिए भी जी जान लगा देना। परंतु विधाता तो को तो कुछ और ही मंजूर था। मुझे क्या पता था कि रामबीर ये ड्यूटी मुझे सौंप कर देश पर अपनी जान कुर्बान करेगा। उसके बाद मेरा पति रामबीर छूटि्टया काट कर अपनी ड्यूटी पर चला गया और वहां कारगिल युद्ध में देश के नाम अपनी शहादत कर गया।
सुनीता नागर ने बताया कि उस टाइम मेरी उम्र मात्र 24/25 साल की थी। मेरी दो बेटियां थी, बड़ी बेटी शालीनी साडढे 4 वर्ष की थी और छोटी बेटी रश्मि सवा सवा /डेढ़ वर्ष की ही थी। और मेरा पूरा पहाड़ जैसा जीवन सामने खड़ा था। परंतु मैंने शहीद रामवीर सिंह की शिक्षा के प्रति लगाओ की बात को प्रेरणा के साथ अपनी बेटियों की पढ़ाई की ओर विशेष ध्यान दे दिया। मैंने शहीद रामवीर सिंह की तरह उनकी बात को सकारात्मक रूप देना शुरू करके अपनी बेटियों को पूरी लग्न के साथ पढ़ाई करवाई। मेरी दोनों बेटियों ने निर्बाध रूप से पढाई करने में कोई कौर कसर नहीं छोड़ी। फौजी रामबीर सिंह की तरह पूरी लग्न और मेहनत के साथ आज भी पढाई कर रही हैं। आज मेरी दोनों बेटियां शालीनी और रश्मि दिल्ली विश्वविद्यालय में एमबीबीएस/डाक्टरों का कोर्स कर रही है। वीरांगना सुनीता नागर ने बताया कि इसके लिए मैं अपने ससुराल जनों के सभी सदस्यों और अपने सभी रिश्तेदारों तथा विशेष रुप से मेरे पिता, मेरी माता और मेरे तीनों भाइयों बिजेंद्र नागर,राजपाल नागर,महेंद्र नागर व तीनों भाभीयों सहित पूरे परिवार का विशेष सहयोग देने पर शत-शत आभार प्रकट करती हूं।
उन्होंने मुझे हर वक्त बेटियों की पढ़ाई के लिए पूरा साथ दिया है और अब भी दे रहे हैं।
वीरांगना सुनीता नागर ने अपनी पारिवारिक बातें साझा करते हुए बताया कि मेरे ससुराल परिवार जनों और माता, पिता, भाई,भाभियों ने मुझे पूरा सहयोग दिया। मैने तो बस मेरे पति शहीद रामवीर सिंह की बातों को साकार करते हुए अपनी बेटियों की इतनी पढ़ाई करवाने की ढान ली थी कि समाज में उनकी बातों का दूसरे लोग भी अनुसरण करके अपनी बेटियों को शिक्षित करने में कोई कोर कसर ना छोड़े।
सुनीता नागर बस्ट्टा ने बताया कि उनकी ससुराल गांव सीहा जिला पलवल में उन्हें पूरा गांव आदर सम्मान और पलकों पर बिठा के रखता है। जी हां वहां के लोग सुनीता नागर को प्यार से फौजन कहते हैं और वीरांगना सुनीता नागर बस्ट्टा भी शहीद रामवीर सिंह की पत्नी फौजन कहला कर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करती है। इसी प्रकार अपने मायके गांव नीमका में भी पूरा गांव उनका पूरा आदर सत्कार करता है। गांव का हर बुजुर्ग, जवान, युवा और बच्चे वीरांगना सुनीता नागर को पूरा आदर व सम्मान देते है। इसके अलावा उनकी और बातों का भी दोनों गांव सहित अन्य गांवों में भी आदर सम्मान किया जाता है। वीरांगना सुनीता नागर ने कहा कि वह अपनी बेटियों की शादी बिना दहेज के करूगी। जिस परिवार ने दहेज मांग लिया मैं उस घर में अपनी बेटियों की शादी नहीं करूंगी। पढ़े-लिखे परिवार में अपनी बेटियों की शादी करूंगी और समाज को शादी का एक ओर नया संदेश देने का प्रयास करूंगी।

Related Articles

ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा: प्रेम प्रसंग के चलते बेटी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी मां की हत्या

नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ करना चाहती थी शादी, मां नहीं थी खुश जिसके चलते की हत्यालड़की ने रात को नींबू...

बॉक्सिंग में नेहा का कमाल, प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने की 10 हजार रूपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की घोषणा

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली नेहा...

17 साल से फरार चल रहा मोस्ट वांटेड इनामी बदमाश गिरफ्तार, पंहुचा जेल

आरोपी ने 1996 में एनआईटी एरिया में रहने वाले एक व्यक्ति पर तेजधार हथियार से किया था हमलाफरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,107FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
- Advertisement -

Latest Articles

ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा: प्रेम प्रसंग के चलते बेटी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी मां की हत्या

नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ करना चाहती थी शादी, मां नहीं थी खुश जिसके चलते की हत्यालड़की ने रात को नींबू...

बॉक्सिंग में नेहा का कमाल, प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने की 10 हजार रूपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की घोषणा

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में द्वितीय स्थान हासिल करने वाली नेहा...

17 साल से फरार चल रहा मोस्ट वांटेड इनामी बदमाश गिरफ्तार, पंहुचा जेल

आरोपी ने 1996 में एनआईटी एरिया में रहने वाले एक व्यक्ति पर तेजधार हथियार से किया था हमलाफरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह...

के.एल.महता दयानंद पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दसवीं की परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): 12वीं के परिणाम के उपरांत CBSE 10वीं का परिणाम आशा अनुरूप शत-प्रतिशत रहा। विद्यालय की प्रधानाचार्य...

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आम आदमी पार्टी ने किया स्वागत

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): अरावली वन क्षेत्र की भूमि पर अतिक्रममण और अवैध निर्माण हटाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट...