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भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण का राष्ट्र के आर्थिक विकास में बहुमूल्य योगदान: डॉ.रवींद्र कुमार

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन राष्ट्रीय भौमिकी उत्कृष्ट शोध केंद्र,फरीदाबाद कार्यालय में 4 मार्च 2021 को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.रवींद्र कुमार, उपमहानिदेशक, रा.भौ.उ.शो.के.फरीदाबाद द्वारा की गई ।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण 170 वर्षो से देश की सेवा में समर्पित है तथा इसके औद्योगिक विकास में नित नये खनिज संसाधनों ने साल दर साल वृद्धि करते हुए राष्ट्र के आर्थिक विकास में बहुमूल्य योगदान दिया है । इस देश के विभिन भागों से एकत्रित किये गये नमूनों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है तथा यह राष्ट्र के भूवैज्ञानिक अनुसंधानों में विशिष्ट योगदान दे रहा है । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित अन्य प्रतिष्ठानों के नमूनों के विश्लेषण में अमूल्य योगदान दे रहा है आने वाले वर्षो में राष्ट्रीय भौमिकी उत्कृष्ट शोध केंद्र,फरीदाबाद विभिन्न संस्थान जैसे की NCCB, CGWB, NHPC, CSRMS आदि के साथ मिलकर अनुसंधानों परियोजनाओं को कार्यान्वित करने की और अग्रसर है ।
इसके साथ ही इस केंद्र में स्थित ध्रुवीय अध्ययन प्रभाग अंटार्कटिक एवं आर्कटिक हिल्सा लेकर देश में जलवायु परिवर्तन के अध्ययनों में विशेष आंकड़े एकत्रित कर रहा है तथा अन्य वैज्ञानिक अध्ययनों में भी अग्रेसर है ।
समारोह का औपचारिक शुभारम्भ अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया। इस अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम सभी को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के 171वे स्थापना दिवस की बधाई दी। प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उपमहानिदेशक ने सभागार में उपस्थित विभिन्न विभागों/कार्यालयो/ विश्वविद्यालयों से आये अतिथि-गणों को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की स्थापना एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यालय की तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान डॉ.बी.एन.महापात्रा,महानिदेशक, नेशनल कौंसिल फॉर सीमेंट एंड बिल्डिंग मैटेरियल्स, द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया एवं भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ सहयोगात्मक कार्य करने की ओर रुझान दर्षाया । जी.सी.पति, अध्यक्ष, केंद्रीय भू-जल बोर्ड,जी.के.शर्मा, विभागाध्यक्ष भूविज्ञान विभाग, कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल एवं डॉ. संजय वाही, सेवानिवृत निदेशक, भूविज्ञान ने अपने भाषण के माध्यम से विभिन्न कार्यालयों से साझेदारी तथा शोध कार्यो के लिए विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की एवं इसके महत्त्व व प्रयोग पर बल दिया । अंततः अमित धारवाड़कर, निदेशक, भूविज्ञान ने सभागार में उपस्थित गणमान्यों को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया ।
कार्यक्रम में अजय सिंह, उपमहाप्रबंधक, भूविज्ञान, आर. एल. काशकारी, सेवानिवृत, उपमहानिदेशक, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, डॉ.श्रीमती शील सिंह, प्रधानाचार्य,के.एल.मेहता महिला महाविद्याल तथा कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया । कार्यक्रम का संचालन वरि. रसायनज्ञ श्रीमती परिणीता द्वारा किया गया। अंत में डॉ. रवींद्र कुमार ने कार्यक्रम की सराहना की तथा संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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