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Wednesday, December 8, 2021

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मानव रचना में सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका पर आभासी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 400 से अधिक प्रख्यात हस्तियों और प्रतिभागियों की उपस्थिति में हुआ उद्घाटन

डॉ. आर हेमलता, निदेशक, राष्ट्रीय पोषण संस्थान, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, हैदराबाद सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई |
वरिष्ठ और कनिष्ठ दोनों श्रेणियों में 65 शोधकर्ताओं ने वैज्ञानिक समिति द्वारा चुने गए वैज्ञानिक मुद्दों पर पोस्टर प्रस्तुतियां दीं।
फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ) :
पोषण और आहार विज्ञान विभाग और फिजियोथेरेपी विभाग, मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज ने 2 दिवसीय-सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका पर आभासी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।
सम्मेलन का आयोजन सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व और स्वास्थ्य और रोग में इसकी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने के लिए किया गया है । विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, “ये पदार्थ शरीर को उचित वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक एंजाइम, हार्मोन और अन्य पदार्थों का उत्पादन करने में सक्षम बनाते हैं।”
डॉ. संजय श्रीवास्तव, माननीय कुलपति, MRIIRS ने कहा, “सूक्ष्म पोषक तत्व विशेष रूप से वैश्विक महामारी के बाद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और अब स्वास्थ्य को बनाए रखने और बीमारी की जटिलताओं से लड़ने के लिए उन पर ध्यान केंद्रित करने का समय आ गया है।”
मुख्य अतिथि, डॉ. आर हेमलता, निदेशक, राष्ट्रीय पोषण संस्थान, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, हैदराबाद की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन के उत्साह को जीवंत कर दिया। उद्घाटन भाषण में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे कैल्शियम, आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व शरीर के कार्यों को संतुलित करने में अत्यंत आवश्यक भूमिका निभाते हैं।
डॉ. जी.एस. टोटेजा, पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक, आईसीएमआर, दिल्ली; प्रो. क्लॉस पीटर हर्म, जर्मनी; डॉ सोमनाथ सिंह, प्रमुख, पोषण और जैव रसायन विभाग, रक्षा फिजियोलॉजी और संबद्ध विज्ञान संस्थान, डीआरडीओ, दिल्ली; डॉ मोनिका जैन, खाद्य विज्ञान और पोषण विभाग, बनस्थली विद्यापीठ, टोंक, राजस्थान; उमेश कपिल, क्लिनिकल महामारी विज्ञान विभाग, लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली, तथा किंग फहद यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड मिनरल्स धहरान, सऊदी अरब के शारीरिक शिक्षा विभाग के डॉ राकेश तोमर समेत शिक्षा और विज्ञान जगत के कई दिग्गज आज इस मंच पे अपने विचार साझा करने को एकत्र हुआ |
दिन का अंतिम सत्र वैज्ञानिक पत्रों की प्रस्तुति थी। सीनियर और जूनियर दोनों श्रेणियों में 65 शोधकर्ताओं ने वैज्ञानिक समिति द्वारा चुने गए वैज्ञानिक मुद्दों पर पोस्टर प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही वैज्ञानिक समिति द्वारा चुने गए वैज्ञानिक मुद्दों पर 12 मौखिक प्रस्तुतियां दी गईं।

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