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Sunday, December 5, 2021

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लिंग्याज ग्रुप का रेडियो चैनल जल्द

विश्व रेडियो दिवस पर विशेष
फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ) :
लिंग्याज विद्यापिठ, डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी की अपनी एक अलग पहचान है। कॉलेज अपनी इसी पहचान में एक और कड़ी जोडऩे जा रहा है। जल्द ही लिंग्याज का अपना रेडियो चैनल खुलने जा रहा है, जिसमें आप यूनिवर्सिटी की तमाम जानकारियों के साथ साथ देश-दुनिया की भी मुख्य खबरें भी सुन सकेंंगे।
लिंग्याज ग्रुप के चेयरमैन डा. पिचेश्वर गड्डे ने बताया कि इस चैनल के लिए हम सरकार की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द हम अपने चैनल की शुरूआत कर सके।
कैसा था रेडियो का समय:
जिस तरह से पुरानी यादें हमारे जहन में लंबे समय तक रहती हैं। ऐसे ही रेडियो की यादें भी हमारे साथ बरसो से जुड़ी हुई हैं। रेडियो कभी हमारे पास मनोरंजन का एकमात्र साधन हुआ करता था। लेकिन समय के साथ और तकनीक के बढ़ते प्रसार ने सूचना के इस हथियार को जैसे आउटडेटेड कर दिया है। लेकिन रेडियो का इतिहास बेहद बेहतरीन और रोचक रहा है जिसे भुला पाना आसान नहीं है। जिस समय दुनिया में रेडियो आया उस समय सूचना और मनोरंजन के कोई खास साधन नहीं थे। ऐसे में रेडियो ने एक क्रांति पैदा की और देखते ही देखते हर किसी के दिल में अपनी एक खास जगह बनाली। इतना ही नहीं भारत में तो रेडियो का इतिहास और भी स्वर्णिम रहा है। रेडियो ने आम लोगों को भी खास बनाने में अहम भूमिका निभाई है। आज से कई साल पहले जब टीवी का प्रचार इतना नहीं था तब रेडियो ने दूर दराज बैठे लोगों को देश दुनिया की मुख्य खबरें दी।
विश्व रेडियो दिवस इतिहास:
यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड ने जनरल कॉन्फ्रेंस को वर्ष 2011 में विश्व रेडियो दिवस की घोषणा करने की सिफारिश की, जिसके बाद यूनेस्को ने एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया की। इतना ही नहीं यह स्पेन द्वारा भी प्रस्तावित है। एकेडेमिया एस्पानोला डी ला रेडियो के प्रोजेक्ट लीडर को कई लोगों का समर्थन भी मिला, जिसमें प्रमुख रूप से अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर और ब्रॉडकास्टिंग यूनियन और एसोसिएशन शामिल हैं। वर्ष 1946 में आखिरकार संयुक्त राष्ट्र रेडियो ने पहला कॉल साइन ट्रांसमिट किया, जिसमें यूनेस्को के 36वें सत्र ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने औपचारिक रूप से 14 जनवरी 2013 को यूनेस्को के विश्व रेडियो दिवस की घोषणा का समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 67वें सत्र में 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में घोषित करने के लिए एक संकल्प अपनाया गया और इसी तरह से हर साल 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जाने लगा।

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