16.6 C
New York
Saturday, October 23, 2021

Buy now

spot_img

शिक्षिका निर्मल के प्रयासों से पलट गई स्कूल की काया…..

उपलब्धियों व समाजसेवा के लिए हो चुकी हैं कई बार सम्मानित
जीवन को सार्थक करने के लिए अपने कार्य को माने पूजा: निर्मल
पंचकूला (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता) :
शिक्षक के ऊपर किसी भी देश व समाज को शीर्ष स्तर पर ले जाने का दारोमदार होता है इसलिए शिक्षक को भगवान व माता-पिता के समान दर्जा दिया जाता है। अगर शिक्षक स्कूल की दशा व दिशा बदलने की ठान ले तो जो बदलाव आता है वह निःसन्देह सभी के लिए अमिट उदाहरण बन जाता है।
ऐसा ही उदाहरण बुलन्द इरादे और कर्तव्यनिष्ठा और लग्न से प्रस्तुत किया है सीनियर सेकेंडरी स्कूल घग्गरबिर की शिक्षिका निर्मल ने, शिक्षा के मंदिर स्कूल की कायापलट करने में बड़ा रोल अदा करने वाली निर्मल ने बच्चों को किताबी शिक्षा में तो निपुण बनाया ही इसके साथ व्यक्तिगत रूप से पूरे स्कूल में सफेदी व पेंट करवा स्कूल की सुंदरता को चार चांद लगवाए। कई दर्जनों कुर्सियों की जरूरत को पूरा किया। परदे लगवाए ताकि बच्चों की आंखों पर सूर्य की तेज रोशनी न पड़े और उनकी शिक्षा में व्यवधान न हो। इसके अलावा भी वे लगातार समाज के लोगों के साथ मिलकर स्कूल की स्थिति को और बेहतर करने के निरन्तर प्रयास कर रही हैं। जिनमें उन्हें बेहद सफलता भी मिली है। जब कोई सकारात्मक सोच के साथ बदलाव लाने की ठान ले तो कुछ भी सम्भव नहीं है। कोरोना काल में उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए बच्चों को कोरोना महामारी को लेकर जागरूक किया और उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर के महत्व के बारे में बताया। झुग्गी झोपड़ियों में जाकर मास्क व सेनिटाइजर वितरित कर लोगों व बच्चों को जागरूक किया।
निर्मल लम्बे समय से समाजसेवा को जीवन का हिस्सा बना चुकी हैं। इन उपलब्धियों के लिए हरियाणा व हिमाचल के राज्यपालों द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। इसके अलावा भी उन्हें विभिन्न मंचों से सराहनीय कार्यों व उपलब्धियों के लिए ढेरों सम्मान मिल चुके हैं लेकिन उनका कहना है कि सबसे बड़ा सम्मान उन्हें किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना लगता है। उनका कहना है कि एक शिक्षिका होने के नाते देश व समाज के लिए उनका जो कर्तव्य बनता है। वे उसका निर्वहन कर रही हैं। हम जहां भी कार्य कर रहे हैं। उस स्थान को मंदिर मानकर उसकी बेहतरी के लिए प्रयास करने चाहिए और मुझे ऐसा करके आत्मिक शांति मिलती है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि अमूल्य जीवन में समाजसेवा कर अपने जीवन को सार्थक करने का प्रयास करें और हमेशा जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें। सकारात्मकता के साथ भावी भविष्य का सुनहरा मार्ग प्रशस्त होगा।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,107FansLike
0FollowersFollow
2FollowersFollow
- Advertisement -spot_img

Latest Articles