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हरियाणा की नगर निकाय संस्थाओं के चुनाव 27 दिसंबर 2020 को होंगे : डॉ. दलीप सिंह

चंडीगढ़ (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता) : हरियाणा की नगर निकाय संस्थाओं के चुनाव आगामी 27 दिसंबर 2020 को होंगे जिसके परिणाम 30 दिसंबर को घोषित कर दिए जाएंगे। नामांकन पत्र आमंत्रित करने के लिए कल 4 दिसंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी जबकि 11 दिसंबर से 16 दिसंबर 2020 तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. दलीप सिंह ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए आज प्रैस कान्फ्रैंस में बताया कि नगर निगम अम्बाला, पंचकूला एवं सोनीपत के सभी वार्डों के सदस्यों की सीटों तथा महापौर और नगर परिषद रेवाड़ी, नगरपालिका कमेटी सांपला (रोहतक), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) एवं उकलाना (हिसार) के अध्यक्ष तथा सभी वार्डों के सदस्यों के चुनाव होंगे। इनके अलावा, इंद्री (करनाल) नगरपालिका कमेटी के वार्ड नंबर 7, भूना (फतेहाबाद) नगरपालिका कमेटी के वार्ड नंबर 13, राजौंद (कैथल) नगरपालिका कमेटी के वार्ड नंबर 12, नगर परिषद फतेहाबाद के वार्ड नंबर 14 और नगर परिषद सिरसा के वार्ड नंबर 29 के उसी दिन उपचुनाव होंगे।
उन्होंने बताया कि संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा कल 4 दिसंबर को नामांकन पत्र आमंत्रित करने के लिए नोटिस प्रकाशित कर दिया जाएगा, तत्पश्चात 11 दिसंबर से 16 दिसंबर 2020 (13 दिसंबर 2020, रविवार को छोडकऱ) तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने का समय सुबह 11 बजे से सायं 3 बजे तक होगा। इसके बाद 17 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी तथा 18 दिसंबर को सुबह 11 बजे से 3 बजे के बीच नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे, उसी दिन 3 बजे के बाद चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की सूची जारी कर उन्हें चुनाव-चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को ही मतदान केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी।
डॉ. सिंह ने बताया कि मतदान का समय 27 दिसंबर को सुबह 8 बजे से सायं 5.30 बजे तक होगा, इसमें आखिरी का एक घंटे का समय सायं 4.30 बजे से 5.30 बजे तक कोविड-19 के रोगियों व लक्षणों वाले मतदाताओं के लिए निर्धारित किया गया है। अगर किसी जगह पुनर्मतदान की आवश्यकता हुई तो वहां 29 दिसंबर को होगा। उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर को सुबह 8 बजे मतगणना शुरू की जाएगी और उसी दिन मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त डॉ. दलीप सिंह ने आज प्रैस कान्फ्रैंस में बताया कि प्रदेश के नगर निकायों के चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शान्तिपूर्ण ढ़ंग से करवाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। संवेदनशील और अति संवदेनशील क्षेत्रों में बनाए जाने वाले मतदान केन्द्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि नगर निगम के महापौर एवं सदस्यों और नगर परिषद/कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की खर्च सीमा संशोधित की गई है। अब महापौर के उम्मीदवार के लिए 20 लाख से बढ़ाकर 22 लाख, सदस्य के लिए 5 लाख से बढ़ाकर साढ़े 5 लाख तथा नगर परिषद के सदस्य के लिए 3 लाख से बढ़ाकर 3.30 लाख व कमेटी के सदस्य के लिए 2 लाख से बढ़ाकर 2.25 लाख रूपए चुनावी खर्च की सीमा तय की गई है। नगरपरिषद व नगरपालिका के अध्यक्ष का चुनाव पहली बार सीधा मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, इसलिए उनकी चुनाव खर्च की सीमा क्रमश: 15 लाख व 10 लाख रूपए निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि सभी उम्मीदवार अपने चुनावी-खर्च का लेखा बनाकर रखेंगे और चुनाव का परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर उसे उपायुक्त या राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। ऐसा न करने पर वह उम्मीदवार 5 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
डॉ. दलीप सिंह ने जानकारी दी कि चुनावी खर्च का विवरण निर्धारित समय के भीतर प्रस्तुत न करने पर नगरपालिकाओं के पिछले आम चुनाव के बाद (सोनीपत को छोडकऱ) कुल 122 चुनावी उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि नगर निकायों के चुनावों का संचालन ईवीएम के माध्यम से किया जाएगा। चुनावी उम्मीदवार का प्रिंट फोटोग्राफ बैलेट पेपर पर तथा अन्य ब्यौरे के साथ ईवीएम की बैलेटिंग यूनिट पर प्रदर्शित होगा। महापौर और अध्यक्ष के लिए बैलेट पेपर गुुलाबी रंग के और वार्ड के सदस्यों के लिए सफेद रंग के होंगे।
राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन चुनावों में भी ‘नोटा’ के विकल्प का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित करने से पहले ‘नोटा’ एक ‘काल्पनिक चुनावी उम्मीदवार’ के रूप में समझा जाता है। यदि किसी निर्वाचन में चुनाव लडऩे वाले सभी उम्मीदवार व्यक्तिगत रूप से ‘नोटा’ से कम वोट प्राप्त करते हैं तब चुनाव लडऩे वाले किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। ‘नोटा’ और चुनाव लडऩे वाला उम्मीदवार सबसे ज्यादा या बराबर वैध वोट प्राप्त करते हैं, ऐसी स्थिति में चुनाव लडऩे वाला उम्मीदवार (न कि ‘नोटा’) निर्वाचित घोषित किया जाएगा।

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