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Monday, December 6, 2021

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हरियाणा में 1 जून से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के खुलेंगे स्कूल, सरकार के नियमों का स्कूलों के साथ बच्चे भी करेंगे पालन

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह ): प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण के चलते हुए जून में पड़ने वाली ग्रीष्मकालीन छुट्टियां एडवांस में कर रखी है। जाे फिलहाल 31 मई तक चलेगी। शिक्षा निदेशालय एक जून से 9वीं से 12वीं कक्षा तक सभी स्कूल खोलने की तैयारी में है। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों, स्कूल में बैंच, कमरों की संख्या सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कूल वाइज डाटा भेजने के आदेश जारी किए गए है।
गौरतलब है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में कोरोना का कहर धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। प्रदेश में 31 मई तक ऐसे ही कोरोना के केसों में गिरावट और रिकवरी में बढ़ौतरी आती रही तो एक जून को शिक्षा निदेशालय स्कूल खोल सकता है। लेकिन कोरोना से बच्चों को बचाने के लिए एक बैंच पर एक ही विद्यार्थी बैठाने के लिए निदेशालय से आदेश जारी किए है। जिससे कोरोना की चेन बच्चों के माध्यम से और अधिक ना बढ़ सकें। इससे पहले एक बैंच पर दो या तीन विद्यार्थी बैठकर शिक्षा ग्रहण करते थे।
हरियाणा में एक जून से सरकार ने स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत कक्षा 9 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, महेंद्रगढ़, नूंह, रेवाड़ी में स्कूल खुल जाएंगे। इस दौरान कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। वहीं स्कूलों को भी इस जंग में कुछ नियमों का पालन करना होगा। वहीं सरकार ने स्कूलों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी) भी जारी किए हैं। इन नियमों का पालन बच्चों के साथ सभी शिक्षकों एवं नॉन टीचिंग स्टॉफ को करना होगा।
स्कूल को करना होगा सैनिटाइज: स्कूलों को खुलने से पहले पूरी तरह सैनिाटाइज करना होगा। ताकि किसी भी प्रकार का कोरोना संक्रमण का खतरा किसी बच्चे पर ना हो। वहीं जो स्कूल अगर पालियों में चल रहे हैं वह हर पाली के बाद सैनिाटाइज करेंगे ताकि कोरोना संक्रमण ना हो।
किसी छात्र को खासी बुखार पर तुरंत उपचार मिले: अगर किसी छात्र-छात्रा को बुखार या खासी की शिकायत दिख रही है तो उसे तुरंत उपचार देना है। सबसे पहले उसे आइसोलेट करना है जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेजना है ताकि वह अपना कोरोना के लक्षण हैं तो उसका टेस्ट करा सके। किसी बच्चे में लक्षण हैं तो उसे शारीरिक दूरी का खयाल रखते हुए प्रशासन को तत्काल सूचना देनी है। इसके साथ ही हर स्कूल को अपने यहां के बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य तौर पर लेनी है।
हर कक्षा में प्रवेश और छुट्टी का समय अलग-अलग समय होगा: एसओपी में यह कहा गया है कि बच्चों को आमतौर पर छुट्टी के वक्त एक साथ निकलने दिया जाता है उसी तरह अब नहीं जाने दिया जाए। हर कक्षा में प्रवेश का समय अलग होगा वहीं छुट्टी भी अलग -अलग समय पर होगी। वहीं ज्यादा बच्चों की संख्या अगर किसी खास सेक्शन में है तो उसे दो पालियों में चलाने का निर्देश है।
माता पिता की परमिशन के साथ होगी इंट्री: किसी भी बच्चे का उनके माता पिता के परमिशन के बिना नहीं बुलाया जाएगा। हर अभिभाव को यह लिखित सहमति पत्र देना होगा कि वह चाहते हैं बच्चा स्कूल जाए तभी बच्चे को स्कूल बुलाना है। अगर किसी के परेंट्स को कोरोना के कारण नहीं भेजने की इच्छा है तो उसके साथ जबरदस्ती नहीं की जा सकती है।
कोविड-19 के अन्य नियम भी रहेंगे लागू : अगर एक जून से स्कूल खुलते है तो एक बैंच पर एक विद्यार्थी बैठने के नियम के साथ-साथ कोविड-19 के अन्य सभी नियम भी सभी स्कूलों में लागू होंगे। इनमें मास्क लगाना, हाथ सैनिटाइज या साबुन से धोना, थर्मल स्केनर से शरीर का तापमान चेक करने की प्रक्रिया भी पहले ही तरह स्कूलों में लागू रहेगी।

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