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Wednesday, December 8, 2021

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हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद अनाथ बच्चों को गोद लेकर सरकार के संकल्प को करेगी पूरा: प्रवीण अत्री

सभी जिलों के बाल कल्याण अधिकारी गोद लेने वाले संकल्प को पूरा करने में कटिबद्धता दिखाएं
बाल कल्याण परिषद नूंह कोविड-19 के दौरान अनाथ बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया जल्द पूर्ण करेगी: कमलेश शास्त्री
नूंह (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता ) :
जिले में कोविड के दौरान अनाथ बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद चंडीगढ़ मानद् महासचिव प्रवीण अत्री ने हरियाणा के सभी जिलों में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों के बारे में पत्राचार करके आदेश दिए कि सभी अपने-अपने जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिलकर सुनिश्चित करें कि और सूची तैयार कर मुख्यालय को महत्वपूर्ण समझ कर अति शीघ्र भेजा जाए ।
इसी कड़ी में जिला बाल कल्याण अधिकारी कमलेश शास्त्री ने श्री धीरेंद्र खड़गटा जिला उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला बाल कल्याण परिषद नूंह के आदेशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शीघ्र अति शीघ्र सूची लेने को लिख दिया है और इस तरह के अनाथ बच्चों की देखभाल करना परिषद का मुख्य उद्देश्य है और इस संकल्प में हम सरकार के अभिन्न अंग होने के साथ-साथ नैतिकता के आधार पर इस कार्य को जल्द पूरा करेंगें।
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता करने की योजना बनाई है। इस योजना का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए जिले में ऐसे बच्चों की सूची बनानी होगी, जो कोविड के दौरान अपने माता-पिता अथवा माता या पिता में से किसी एक को खो चुके हैं।
कमलेश शास्त्री जिला बाल कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में इस प्रकार के बच्चों की सूची तैयार करने की दिशा में कार्य चल रहा है। उन्होंने जिले की चाईल्ड हेल्प लाईन को इस बारे में निर्देश दिए हैं। इसके अलावा चाईल्ड हेल्प लाईन द्वारा जिले में गांव स्तर पर उक्त योजना का लाभ पहुंचाने के लिए जागरुकता भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बच्चों को सरकार की योजना का लाभ पहुंचाने के लिए आमजन को भी आगे आना होगा। अपने गांव, मोहल्ले या कस्बे में ऐसे बच्चों की पहचान करने तथा उनकी सूचना चाईल्ड हेल्पलाईन को देने में सभी लोग अपना सहयोग करें। उनका यह सहयोग किसी मासूम का जीवन खराब होने से बचा सकता है। कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों को किसी भी व्यक्ति को सीधे गोद न दें। बच्चा गोद लेने की एक कानूनी प्रक्रिया है। जो स्टेट अडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी के माध्यम से पूरी की जाती है। बिना कानूनी प्रक्रिया बच्चा गोद देना एक कानूनी अपराध है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कोविड-19 के दौरान माता-पिता खो चुके बच्चों की जानकारी जिला बाल कल्याण परिषद नूंह व चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1098, दे सकते हैं।

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