आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार

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नई दिल्ली (नेशनल प्रहरी/ संवाददाता)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया। अब ईडी पीएमएलए कोर्ट से उनकी हिरासत मांगेगी। आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में उन्हें किया गया है।
दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार (21 मार्च) को गिरफ्तार कर लिया। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले हुई अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को आम आदमी पार्टी के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है।
गुरुवार को ही दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में दंडात्मक कार्रवाई से कोई संरक्षण देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद गुरुवार की शाम को ही केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण दिए जाने का अनुरोध किया था। आइये जानते हैं इस घटनाक्रम की 10 बड़ी बातें।
CM अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार, घटनाक्रम से जुड़ी 10 बड़ी बातें:
● अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी का मामला इस रूप में पहला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद बने रहते हुए गिरफ्तार किया गया हो। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ईडी की एक टीम सीएम केजरीवाल के आवास पहुंची और तलाशी ली। इसके बाद ईडी टीम ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया।
● ईडी ने सीएम केजरीवाल से पीएमएलए (PMLA) की धारा 50 के तहत पूछताछ की और इसके तुरंत बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दिल्ली के कई मंत्री और नेता सीएम आवास पर पहुंचे थे लेकिन किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया गया था।
● एक अधिकारी ने बताया कि सीएम केजरीवाल को शुक्रवार (22 मार्च) को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगी।
● आम आदमी पार्टी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और जेल से सरकार चलाएंगे. ‘आप’ नेता आतिशी ने कहा, ”हमें खबर मिली है कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है… हमने हमेशा कहा है कि अरविंद केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे. वह दिल्ली के सीएम बने रहेंगे. हमने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है।” हमारे वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहे हैं। हम आज रात सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे।”
● दिल्ली के मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर आशंका मीडिया से बातचीत के दौरान जताई थी। केजरीवाल की गिरफ्तारी से कुछ ही देर पहले सौरभ भारद्वाज ने कहा था, ”जिस तरह से पुलिस सीएम के घर के अंदर है और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है, उससे लगता है कि सीएम आवास पर छापा मारा गया है। ऐसा लगता है कि सीएम को गिरफ्तार करने की तैयारी है।”
● अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से कुछ देर पहले दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने भी प्रतिक्रिया दी थी। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने कहा था, “ये तो सब जानते हैं कि मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार किया गया था लेकिन कुछ नहीं मिला। अब तक 600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल की आवाज को दबाना चाहते हैं और इसलिए उन्हें गिरफ्तार करना चाहते हैं.” उन्होंने कहा था, ”अगर अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार भी कर लिया जाए तो भी वह इस्तीफा नहीं देंगे।”
● दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले को लेकर पूछताछ के लिए ईडी सीएम अरविंद केजरीवाल को अब तक नौ समन जारी कर चुकी है। नौवें नोटिस के तहत उन्होंने गुरुवार को ईडी के सामने पूछताछ के लिए उपस्थित होना था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली. दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहला नोटिस बीते साल (2023 में) 2 नवंबर को पेश होने के लिए जारी किया गया था।
● इस मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और ‘आप’ राज्यसभा सांसद संजय सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। नेशनल प्रहरी को सूत्रों ने बताया था कि ईडी ने गुरुवार को अदालत को बताया था कि वह एक आरोपी नहीं, बल्कि व्यक्ति के रूप में अरविंद केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है। ईडी ने यह भी कहा था कि केजरीवाल के बार-बार पूछताछ के लिए पेश न होने से मामले की जांच में देरी हो रही है।
● लोकसभा चुनाव से पहले हुई अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केजरीवाल की गिरफ्तारी पीएम मोदी पर निशाना साधा। अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”चुनाव के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस तरह टार्गेट करना एकदम गलत और असंवैधानिक है। राजनीति का स्तर इस तरह से गिराना न प्रधानमंत्री जी को शोभा देता है, न उनकी सरकार को। अपने आलोचकों से चुनावी रणभूमि में उतरकर लड़िये, उनका डटकर मुकाबला करिए, उनकी नीतियों और कार्यशैली पर बेशक हमला करिए – यही लोकतंत्र होता है। मगर इस तरह देश की सारी संस्थाओं की ताकत का अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करना, दबाव डालकर उन्हें कमजोर करना लोकतंत्र के हर उसूल के खिलाफ है।”
● प्रियंका गांधी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ”देश के विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, तमाम राजनीतिक दलों और उनके नेताओं पर ईडी, सीबीआई, आईटी का दिन रात दबाव है, एक मुख्यमंत्री जेल में डलवा दिए गए हैं, अब दूसरे मुख्यमंत्री को भी जेल ले जाने की तैयारी हो रही है। ऐसा शर्मनाक दृश्य भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहा है।”