जीवा पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ अभिभावक-शिक्षक भागीदारी मंथन कार्यक्रम, डॉ.ऋषिपाल चौहान ने दिए सफलता के गुरुमंत्र

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अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान, एकेडमिक एंड एक्सिलेंस हेड मुक्ता सचदेव, आयुर्वेद संस्थान के निदेशक डा0 प्रताप चौहान, प्रधानाचार्या मीनाक्षी चटर्जी, एवं अभिभावकगण दीप प्रज्ज्वलित करते हुए।

फरीदाबाद (नेशनल प्रहरी/ रघुबीर सिंह)। सैक्टर 21 बी स्थित जीवा स्कूल में अभिभावक-शिक्षक भागीदारी कार्यक्रम-मंथन का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के उज्ज्वल और सफल भविष्य के लिए अध्यापकों और अभिभावकों की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। बच्चों की सफलता के लिए आवश्यक है कि उनको बचपन से ही शिक्षा के साथ-साथ सिद्धांतों और मूल्यों से भी अवगत किया जाए। बच्चों की दक्षता और निपुणता को पहचाना जाए, जीवा पब्लिक स्कूल मे बच्चों की दक्षता और निपुणता को बचपन से ही पहचाना जाता है और उनको उसी दिशा में पोषित किया जाता है। इसी श्रृंखला में मंथन कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों को भी विद्यालय के सभी सिद्धांतों, शिक्षा पद्धति एवं विशेष गतिविधियों से अवगत किया गया। जिससे इस उद्देश्य में अभिभावकों का भी मुख्य रूप से योगदान रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान, एकेडमिक एंड एक्सिलेंस हेड मुक्ता सचदेव, जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ. प्रताप चौहान, प्रधानाचार्या मीनाक्षी चटर्जी, हेड ऑफ स्पेशल प्रोग्राम एंड ट्रेनिंग,जयवीर सिंह जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जीवा संस्थान की युवा डायरेक्टरस मीनाक्षी सिंह और नीरजा चौहान भी उपस्थित रही। इस अवसर पर बच्चों ने भी अपने-अपने तरीकों से कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें विद्यालय के सिद्धांतों को दर्शाया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम छोटे-छोटे बच्चों ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी, तदुपरांत छोटे-छोटे बच्चों ने एक लघु नाटिका के माध्यम से
दिनचर्या के महत्त्व को समझाया, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। बच्चों ने मनमोहक भजन प्रस्तुत किया, एवं ऑर्केस्ट्रा ग्रुप के बच्चों ने वाद्ययंत्रों के माध्यम से आकर्षक धुन प्रस्तुत की।
इस कार्यक्रम में छात्रों ने ए0टी0एल0 प्रोजेक्ट के माध्यम से अपनी बुद्धि एवं कौशल का परिचय देते हुए स्वनिर्मित रोबोटिक्स प्रोग्राम का प्रदर्शन दिया। इसके अलावा छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से विज्ञान के विषयों जैसे हृदय की कार्यविधि को भी बताया एवं मधुमक्खियों द्वारा प्राकृतिक तरीके से शहद बनाने की प्रक्रिया को भी समझाया। छात्रों ने विज्ञान के विभिन्न तथ्यों जैसे खाद्य पदार्थों एवं दैनिक जीवन में काम आने वाले अधिकांश वस्तुओं की शुद्धता को जांचने की प्रक्रिया को समझाया। छात्रों ने विशेष रूप से वात, पित्त और कफ के विषय में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी और उनको संतुलित करने के लिए संतुलित आहार के विषय में भी बताया।
हेड ऑफ स्पेशल प्रोग्राम एंड ट्रेनिंग जयवीर सिंह ने उपस्थित सभी अभिभावकों के साथ विद्यालय के सिद्धांतों के विषय मे चर्चा की, उन्होंने कहा कि जीवा पब्लिक स्कूल में सिद्धांतए शिक्षा एवं दक्षता पर कार्य किया जाता है। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय के साथ-साथ अभिभावकों की बराबर साझेदारी होनी चाहिए। उन्होंने विद्यालय के सकारात्मक सोच और विकासशील प्रवृति के विषय में जानकारी दी और उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा एवं नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम है। उन्होंने पोजिटिव पैरेन्टिंग के सकारात्मक प्रभाव के विषय में भी बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने सबको संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे की एक अलग पहचान होती है, भगवान ने सभी को एक विशेष प्रकार की दक्षता और प्रकृति प्रदान की है, आवश्यकता है उसको पहचानने की, उसी आधार पर उन्हें पोषण देने की। उन्होंने बताया कि हमारी भारतीय संस्कृति के विषय में भी बताया और कहा कि हमारी संस्कृति बहुत ही अमूल्य है हमें अपनी धरोहर को संजोकर रखना चाहिए।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मीनाक्षी चटर्जी ने अभिभावकों को बताया कि बच्चों में सीखने को क्षमता बहुत अधिक होती हैए वे जो देखते हैं वहीं सीखते हैं, इसलिए अभिभावकों को बच्चों के सामने सदैव सकारात्मक संदेश प्रस्तुत करने चाहिए।